चिट्ठाजगत रफ़्तार Hindi Blog Tips

मंगलवार, 19 अक्टूबर 2010

आज की बात करें.....

आज की बात करें.....
कल को आधार बनाकर आज की बात करें. अभी - अभी राष्ट्र मंडल खेल हुआ, और उस में जो एक खेल रचा गया वह शर्मनाक है. इसकी जाँच अच्छी तरह होनी चाहिए. इसमे  जो भी गुनाहगार है चाहे  वह किसी भी पार्टी का हो. अगर स्वीश बैंक में भारत का पैसा जमा किया गया है तो इससे बड़ा कोई गुनाह नहीं हो सकता. यह अपराध देश द्रोह है, साथ ही साथ देश का पैसे का गलत उपयोग करना भी अपराध है. इस पैसे का हिसाब देना होगा. आम जनता के पैसे का हिसाब देना ही होगा.
कलमाड़ी और शिला दीक्षित के साथ PM , PO , मंत्री सभी को आम आदमी के पैसे का दुरपयोग करने का अधिकार नहीं है.
मेरा साफ कहना है आप के आदेश से पैसे की निकासी हुई तो आप भी इसके दोसी है, जरुरत से ज्यादा रूपया खर्च करने की आवस्यकता ही क्या थी.

बुधवार, 13 अक्टूबर 2010

आपनी बात

देश की चिंता करने वाला कोई नहीं है . सिर्फ बातों से लोगों को बहलाने वालों की कमी नहीं है. आजकल नेताओं पर गौर करे तो सभी वादों का पिटारा लिए घूम रहे हैं . वोटरों को लुभाने के लिए .
बिहार में चुनावी बिगुल बजे कुच्छ दिन हो गया . नेतावों से अपने सूबे के विकाश की बात करे तो उनकी बोलती बंद हो जाती है . तो सोचना यह है की क्या फाइलों में विकाश हुआ है या जमीं पर भी कुच्छ हुआ है ?
overall पुरे बिहार की बात करें तो कहना पड़ेगा की विकाश के रस्ते पर बिहार चल जरुर पड़ा है पर सिर्फ विकाश- विकाश चिल्लाने से कुच्छ होना जाना नहीं है .
जहाँ मै रहता हूँ उसकी बात करें तो आज से 25 साल पहले पिछड़ापन था वह आज भी मौजूद है . इसका सारा श्रेय नेताओं को जाता है .
और जनता तो बेचारी ही है . वोट मांगने आए नेताओं को कैसे नाराज कर सकती है . किसी न किसी को वोट तो देना ही है तो किसी को भी दे दो .
आजादी तो उन नेताओं को ही मिला है जनता  को नहीं. जनता के सामने जो भी नेता- चाहे ओ चोर हो, उचका हो, बैमान हो, डाकू हो, या लफंगा हो पटियों के आधार पर वोट देना ही पड़ता है.
वोट का बहिष्कार करो तो सरकार को आगे बढने की आदत है.